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रेमॉन्ड इंद्र और निकोलास जोआक्विन ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 में पुरुष डबल्स सोना जीता

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रेमॉन्ड इंद्र और निकोलास जोआक्विन ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 में पुरुष डबल्स सोना जीता
प्रतीक वर्मा 0 टिप्पणि

जून 15, 2025 को सिडनी के सिडनी ओलंपिक पार्क स्पोर्ट्स सेंटर में SATHIO GROUP ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 का फाइनल मैच खत्म हुआ — और इंडोनेशियाई जोड़ी रेमॉन्ड इंद्र और निकोलास जोआक्विन ने अपने ही देश के दूसरे जोड़े फाजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिक्री को 21-18, 21-16 से हराकर पुरुष डबल्स का स्वर्ण पदक जीत लिया। ये जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि इंडोनेशियाई बैडमिंटन की एक नई पीढ़ी की शुरुआत है। जब इंद्र और जोआक्विन ने आखिरी शॉट लगाया, तो उनकी आंखों में आंसू थे — न केवल जीत के, बल्कि उस दबाव के जिसे वे अपने जीवन के हर पल बर्दाश्त करते आए हैं।

इंडोनेशिया का डबल्स अधिकार

यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) की BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 श्रृंखला का हिस्सा था, और इसमें 127 खिलाड़ी 28 देशों से शामिल हुए। लेकिन जब बात पुरुष डबल्स की आती है, तो इंडोनेशिया का नियंत्रण अद्वितीय था। फाइनल में दो इंडोनेशियाई जोड़े के मुकाबले का मतलब था — देश की बैडमिंटन संस्था Persatuan Bulutangkis Seluruh Indonesia (PBSI) की ताकत। ब्रॉन्ज मेडल भी इंडोनेशियाई जोड़े सबर कर्यमन गुतामा और मोह रेजा पहलेवी के नाम गया। इस तरह, इंडोनेशिया ने पुरुष डबल्स में तीनों पदक जीत लिए — ऐसा पहली बार हुआ है BWF वर्ल्ड टूर इतिहास में।

भारतीय जोड़े की अच्छी शुरुआत, लेकिन चौथे चरण में बाहर

भारत की ओर से सत्विकसैराज रैंकिरेड्डी और चिराग शेट्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। दोनों ने क्वार्टरफाइनल तक कदम रखा, लेकिन वहां इंडोनेशियाई जोड़े से हार गए। यह उनके लिए एक अच्छा संकेत था — विशेषकर जब उनकी टीम के लिए अगला बड़ा टूर्नामेंट जापान ओपन 2025 जुलाई में टोक्यो में शुरू हो रहा है। उनके प्रदर्शन ने भारतीय बैडमिंटन संघ के नए प्रशिक्षकों को आशा दी, लेकिन फाइनल तक पहुंचने के लिए अभी भी एक बड़ी छलांग लगानी होगी।

मलेशिया का मिक्स्ड डबल्स जीत

लेकिन इंडोनेशिया की तरह मलेशिया ने भी अपनी जगह बनाई — चेन टैंग जीए और टोह ई वेई ने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में PBSI के जाफर हिदायतुल्लाह और फेलिशा पासरिबु को हराया। यह जीत मलेशिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी — क्योंकि उनके मिक्स्ड डबल्स जोड़े पिछले दो सालों से बहुत अस्थिर रहे थे। अब वे अगले टूर्नामेंट के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे।

स्पॉन्सर और आर्थिक प्रभाव

स्पॉन्सर और आर्थिक प्रभाव

इस टूर्नामेंट को SATHIO GROUP ने टाइटल स्पॉन्सर के रूप में समर्थन दिया। यह इंडोनेशियाई निर्माण समूह जिसकी सालाना आय 12.7 ट्रिलियन आईडीआर है, ने इस टूर्नामेंट के लिए 250,000 डॉलर दिए। कुल पुरस्कार राशि 420,000 डॉलर थी — जिसमें से पुरुष डबल्स विजेताओं को 36,800 डॉलर मिले। यह एक ऐसा टूर्नामेंट है जहां सिर्फ खेल नहीं, बल्कि बड़े बिजनेस और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी खेल चल रहा है।

टूर्नामेंट का इतिहास और भविष्य

ऑस्ट्रेलियन ओपन की शुरुआत 1975 में हुई थी, लेकिन 2018 से इसे BWF वर्ल्ड टूर का हिस्सा बनाया गया। 2025 का यह संस्करण इसका 51वां था — और पहला जिस पर SATHIO GROUP का पांच साल का स्पॉन्सरशिप अग्रिम हुआ। टूर्नामेंट रेफरी तन किन हॉंग (सिंगापुर) ने कहा, "यह टूर्नामेंट अब केवल एक आस्ट्रेलियाई इवेंट नहीं रह गया। यह एशिया के बैडमिंटन के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।"

क्या अगला कदम?

क्या अगला कदम?

रेमॉन्ड और निकोलास अब जापान ओपन 2025 के लिए तैयार हैं — जुलाई 8 से 13 तक टोक्यो में। उनके लिए यह एक नया चैलेंज होगा, क्योंकि जापान के जोड़े तकुरो होकी और यूगो कोबायाशी इस टूर्नामेंट में शामिल नहीं हुए, लेकिन वे अगले टूर्नामेंट में वापस आएंगे। भारत के लिए, रैंकिरेड्डी-शेट्टी के लिए जापान ओपन एक बड़ा टेस्ट होगा — क्योंकि वे अब विश्व रैंकिंग में टॉप 10 में जगह बनाने के करीब हैं।

खेल का भविष्य: क्या अब बैडमिंटन एशिया का खेल बन गया?

इस टूर्नामेंट में जापान, ताइवान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और मलेशिया ने भाग लिया, लेकिन पुरुष डबल्स में इंडोनेशिया का नियंत्रण अद्वितीय रहा। यह बताता है कि अब बैडमिंटन एक वैश्विक खेल नहीं, बल्कि एक एशियाई खेल बन गया है। यूरोप और अमेरिका अभी भी पीछे हैं। और जब तक भारत और मलेशिया एक स्थिर डबल्स जोड़ी नहीं बना पाते, तब तक इंडोनेशिया का राज जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेमॉन्ड इंद्र और निकोलास जोआक्विन कौन हैं?

रेमॉन्ड इंद्र (24) और निकोलास जोआक्विन (23) इंडोनेशिया के नए जनरेशन के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। दोनों ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू किया और 2025 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपनी पहली बड़ी जीत हासिल की। ये जोड़ा एक तेज़ एटैक और अद्भुत स्थिति नियंत्रण के लिए जाना जाता है।

भारतीय जोड़े सत्विकसैराज और चिराग शेट्टी कैसे प्रदर्शित हुए?

सत्विकसैराज और चिराग ने क्वार्टरफाइनल तक पहुंचकर भारत का नाम रोशन किया, लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाए। उनका खेल अच्छा था, लेकिन अंतिम चरण में इंडोनेशियाई जोड़े की तेज़ गति और टैक्टिकल बुद्धिमत्ता ने उन्हें रोक दिया। यह उनके लिए एक अच्छा अनुभव था, जिससे उन्हें जापान ओपन 2025 के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

SATHIO GROUP क्या है और इसका टूर्नामेंट से क्या संबंध है?

SATHIO GROUP इंडोनेशिया का एक बड़ा निर्माण समूह है, जिसकी सालाना आय 12.7 ट्रिलियन आईडीआर है। इसने मार्च 2024 में BWF के साथ पांच साल का स्पॉन्सरशिप अग्रिम किया, जिसके तहत यह टूर्नामेंट का टाइटल स्पॉन्सर बना। इसने टूर्नामेंट के लिए 250,000 डॉलर का योगदान दिया, जिससे पुरस्कार राशि बढ़ी और टूर्नामेंट का स्तर ऊंचा हुआ।

इस टूर्नामेंट का भविष्य क्या है?

ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 के बाद, BWF ने इसे अगले पांच साल तक SATHIO GROUP के साथ जारी रखने की घोषणा की है। इसका अर्थ है कि यह टूर्नामेंट अब एक स्थायी वैश्विक घटना बन गया है। अगले साल इसका आयोजन फिर सिडनी में होगा, और इंडोनेशिया और मलेशिया के लिए यह एक बड़ा टेस्ट बनेगा।

क्या भारत इस टूर्नामेंट में भविष्य में जीत सकता है?

हां, लेकिन इसके लिए भारत को अपने डबल्स जोड़ों के लिए एक लंबी रणनीति बनानी होगी। रैंकिरेड्डी-शेट्टी अच्छे हैं, लेकिन उन्हें लगातार विश्व शीर्ष 5 जोड़ों के साथ खेलना होगा। अगर भारत ने अपने युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में नियमित रूप से शामिल किया, तो अगले दो साल में उनका फाइनल में आना संभव है।

क्या इस टूर्नामेंट ने बैडमिंटन के वैश्विक रूप को बदल दिया?

बिल्कुल। यह टूर्नामेंट दिखाता है कि अब बैडमिंटन का दुनिया भर में विकास एशिया में ही केंद्रित है। यूरोप और अमेरिका के खिलाड़ी अब टॉप 20 में नहीं हैं। अगर यह रुझान जारी रहा, तो अगले दशक में ओलंपिक में भी एशियाई देशों का ही दबदबा रहेगा।

प्रतीक वर्मा
प्रतीक वर्मा

नमस्कार, मेरा नाम प्रतीक वर्मा है। मैं सामान्य हित, प्रकाशन के क्षेत्र में विशेषज्ञ हूं। मुझे भारतीय जीवन और भारतीय समाचार के बारे में लेखन पसंद है। मैं लोगों को अपनी कहानियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और समस्याओं को समझाने का प्रयास करता हूं। मेरा उद्देश्य जागरूकता फैलाना और लोगों के बीच चर्चा उत्पन्न करना है।

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